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मिलिए प्रतीक गौरी से जो हैं युवा उद्यमी, बनाया है 200 करोड़ से अधिक मूल्य के उद्देश्य-स्टार्टअप का पोर्टफोलियो

 

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29 साल के सीरियल आंत्रप्रेन्योर प्रतीक गौरी हैं, जो फॉ​र्च्यून की 500 कंपनियों के लाभ के लिए ‘फ़ॉर-प्रॉफिट टू फ़ॉर-बेनिफिट’ के थीम का इस्तेमाल कर उनकी मदद कर रहे हैं। प्रतीक गौरी एक सक्सेसफुल आंत्रप्रेन्योर तो हैं ही। साथ ही उनमें अपनी काबिलियत के दम पर दूसरों के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा भी है।

नई दिल्ली
देश के युवा उद्यमी न केवल भारत में बल्कि बाहर भी अपने देश का का नाम रौशन कर रहे हैं। अपने लाभ से इतर वे ऐसा काम करने को भी प्राथमिकता देते हैं जिससे लोगों को रोजगार मिले। 29 साल के सीरियल आंत्रप्रेन्योर प्रतीक गौरी हैं, जो फॉर्च्यून की 500 कंपनियों के लाभ के लिए ‘फ़ॉर-प्रॉफिट टू फ़ॉर-बेनिफिट’ के थीम का इस्तेमाल कर उनकी मदद कर रहे हैं। प्रतीक गौरी एक सक्सेसफुल आंत्रप्रेन्योर तो हैं ही। साथ ही उनमें अपनी काबिलियत के दम पर दूसरों के लिए कुछ कर गुजरने का जज़्बा भी है। ये बात उन्होंने साबित भी की है। दरअसल, उन्होंने हाल ही में दावोस के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम और न्यूयॉर्क के यूनाइटेड नेशन्स में कई प्रशंसाओं के बीच भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

बता दें कि, प्रतीक इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन 4 से इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन 5 (IR5) में संक्रमण का अनुमान भी लगा रहे हैं। 13 साल पहले शुरू की गई तैयारी के बाद महज़ 29 साल की उम्र में गौरी ने आठ स्टार्टअप स्थापित किए हैं, जो लाखों लोगों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। कहीं न कहीं इसमें सामूहिक रूप से कई करोड़ों में राजस्व के साथ INR 200 करोड़ से अधिक का मूल्य है।

प्रतीक गौरी, स्टीव जॉब्स और एलोन मस्क जैसे शार्प-माइंडेड आंत्रप्रेन्योर को आइडियल मानते हैं। इन लोगों से प्रेरणा लेकर उन्होंने ठान लिया की वह ऐसी कंपनियों को स्थापित करेंगे, जिससे लाखों लोगों के जीवन में एक सकारात्मक प्रभाव पढ़ सके।

प्रतीक कहते हैं कि उनका पहले दिन से फोकस बहुत क्लियर था। वह जानते थे कि उन्हें सिर्फ उन कंपनियों को शुरू करना, जिससे दुनिया को बेहतर बनाया जा सके। बता दें कि, उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान रेकिट बेन्किज़र जैसे फॉर्च्यून 500 ब्रांडों के साथ काम किया है। साथ ही दिल्ली को डिवेलप करने के लिए उन्होंने अपनी ट्रेड सेल्स की व्यापार बिक्री को बढ़ाकर टाटा स्काई के लिए $50 मिलियन की एक लाइन भी चलाई। कई महान शख्स कहते हैं कि कुछ बड़ा करने के लिए रिस्क उठाना पड़ता है। ठीक उसी तरह इस सिद्धांत को फॉलो करते हुए कुछ बड़ा करने के लिए प्रतीक ने अपनी जॉब को छोड़ने का फैसला किया, और सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए अपनी आंत्रप्रेन्योर की छमता को शिक्षा के माध्यम से मजबूत बनाया।

प्रतीक गौरी ने अपने काबिलियत के दम पर खुद को साबित कर आज वह 5वें एलिमेंट ग्रुप के भारतीय अध्यक्ष हैं। वहीं, एक ग्लोबल इम्पैक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी, इंडिया होस्ट ऑफ़ टीवी शो- FINTECH.TV और TheIMPACT, ग्लोबल यूथ लीड ऑफ़ ड्रीम टैंक- वर्ल्डवाइड 1 बिलियन युथ मूवमेन्ट, Let’s Do This के को-फाउंडर- (भारत) फ्लैगशिप GTM इंजन, Alt Ctrl के को-फाउंडर- एक ब्लॉकचेन-इनेबल प्लेटफॉर्म, Let’s Go Social के को-फाउंडर- एक क्रेटिव मार्केटिंग एजेंसी, इंडिया नीड्स यू के को-फाउंडर- एक लीडरशिप मूवमेंट, GlasTic के को-फाउंडर- एक ज़ीरो-वेस्ट B2B ग्लासवेयर सॉल्यूशन ब्रांड, और टाटा ग्रुप के साथ एग्जीक्यूटिव के पदों पर उन्होंने काम किया है।

5वीं इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन का प्रसार
प्रतीक गौरी का मानना है कि दुनिया के लिए अभी 5वीं इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन में परिवर्तन का समय है। वह आंत्रप्रेन्योर के बीच एक लंबे समय से एक विचार को बदलने की कोशिश कर रहे हैं कि जैसे कोई कंपनी का उद्देश्य के साथ किया गया काम बदलाव लाने के साथ-साथ मुनाफा कमा सकती है। ठीक उसी तरह आप विचार करते समय लाभ और उद्देश्य को एक साथ मौजूद नहीं कर सकते। कहीं न कहीं गौरी ने 16 साल की उम्र से अपनी पोर्टफोलियो कंपनियों के साथ यह साबित कर दिया है कि अगर उनका कोई उद्देश्य है तो वह अधिक मुनाफा कमा सकती है।

वर्तमान में, वह फॉर्च्यून की 500 कंपनियों के लाभ के लिए फ़ॉर-प्रॉफिट टू फ़ॉर-बेनिफिट के थीम का इस्तेमाल कर उनकी मदद कर रहे हैं। उनके अनुसार यह 5वीं इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन है।

उनका मानना है कि जब कोई प्रॉफिट और इम्पैक्ट को लेकर काम करता है, तो वह व्यक्ति या कंपनी अधिक लाभ उत्पन्न करती है। वहीं, इस विचार ने न केवल गौरी को प्रेरित किया है, बल्कि अकादमिक, फैमिली ऑफिसेस, अल्ट्रा-हाई नेट वर्थ इंडिविदुअल्स, सेलिब्रिटीज और दुनिया भर के इंटेलेक्चुअल को इस विश्वास के साथ आकर्षित किया है कि “हम एक साथ मिलकर कर सकते हैं और हम करेंगे “।

5वें एलिमेंट ग्रुप में भारत के चीफ एग्जीक्यूटिव अफसर (CEO) के रूप में अपनी क्षमता के तहत, उन्होंने दावोस में वर्ल्ड इकॉनोमीक फोरम के लिए “क्लीन ड्रिंकिंग वाटर” की पहल “हार्पिक मिशन पानी” को बढ़ावा दिया।

COVID-19 का प्रभाव
प्रतीक गौरी के अनुसार, चल रही महामारी ने उन्हें 5वीं इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन बनाने के लिए अपने मिशन को आगे बढ़ाने में मदद की है। उन्होंने कहा, ‘लोगों को अब पहले से कहीं अधिक स्वास्थ्य/ जलवायु के महत्व का एहसास हो गया है, और इससे हमें 4IR को 5IR तक के संक्रमण को बदलने में मदद मिलेगी।’

दरअसल, उनकी सभी पोर्टफोलियो कंपनियां 5वीं इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन के स्थान पर हैं, इसलिए उनके राजस्व और मूल्यांकन में वृद्धि हुई है। गौरी कहते हैं, ‘हम आज ‘Three or even less’ के ‘Six Degrees of Separation’ को कम करने की कोशिश कर रहे हैं, और मेरा मानना है कि इससे हमें आने वाले वर्षों में कई गुना आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। साथ ही साथ इसका विश्व के अरबों लोगों पर असर पड़ेगा। बता दूं कि मेरी सभी योजनाओं के अंत में यहीं ‘उद्देश्य’ रहता है।’

भविष्य की योजनाएं
गौरी का नया कदम INR 1,000 करोड़ से अधिक के राजस्व सृजन के साथ कई यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स का निर्माण करना चाहते हैं। निजी क्षेत्र, सरकारी, गैर-लाभकारी और पारिवारिक कार्यालयों के बीच omniwin (win-win) समाधान बनाकर, वह संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को प्राप्त करने में मदद करना चाहते हैं।

बता दें कि, अभी 6 देशों के कार्यालयों के साथ उनके पास अगले 20 वर्षों में 20-25 देशों में अपने ग्लोबल ब्रेन ट्रस्ट नेटवर्क के माध्यम से कई कार्यालयों की योजना है, और भारतीय प्रभाव स्टार्टअप, वैश्विक और विदेशी प्रभाव स्टार्टअप को भारत में विस्तार करने की भी योजना है।

इससे एक बात साबित होती है कि अगर आप सही उद्देश्य के साथ कड़ी मेहनत और लगन से किसी चीज़ के लिए अथक प्रयास करते हो तो वह चीज़ आपको ज़रूर हासिल होती है।